नई दिल्ली, 19 मार्च।
स्टील उद्योग से जुड़ी कंपनी राजपूताना स्टेनलेस लिमिटेड के शेयरों ने बाजार में उम्मीद के विपरीत सुस्त शुरुआत की। कंपनी के शेयरों की एनएसई पर एंट्री उसी कीमत पर हुई, जिस पर इन्हें आईपीओ में जारी किया गया था, जिससे निवेशकों को कोई तत्काल लाभ नहीं मिला। वहीं बीएसई पर मामूली प्रीमियम के साथ सूचीबद्ध होने के बाद भी शेयर टिक नहीं सके और जल्द ही दबाव में आ गए।
लिस्टिंग के कुछ ही समय बाद बाजार में बिकवाली बढ़ने लगी, जिसके चलते शेयरों के भाव में गिरावट तेज हो गई। सुबह करीब 10:30 बजे तक बीएसई पर शेयर लगभग 6 प्रतिशत से अधिक टूटकर 114 रुपये के आसपास आ गए, जबकि एनएसई पर भी इसी तरह की गिरावट दर्ज की गई।
कंपनी का करीब 255 करोड़ रुपये का आईपीओ 9 से 11 मार्च के बीच खुला था, जिसे निवेशकों से सीमित प्रतिक्रिया मिली। कुल मिलाकर यह इश्यू थोड़ा ही अधिक सब्सक्राइब हो पाया। संस्थागत और गैर-संस्थागत निवेशकों की रुचि कुछ हद तक रही, लेकिन खुदरा निवेशकों की भागीदारी काफी कम रही, जिससे कुल सब्सक्रिप्शन प्रभावित हुआ।
इस इश्यू के तहत नए शेयरों के साथ ऑफर फॉर सेल के जरिए भी हिस्सेदारी बेची गई। कंपनी ने जुटाई गई पूंजी का उपयोग अपने उत्पादों के विस्तार, स्टेनलेस स्टील पाइप निर्माण क्षमता बढ़ाने, कर्ज कम करने और कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए करने की योजना बनाई है।
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो पिछले कुछ वर्षों में कंपनी के मुनाफे में लगातार सुधार देखा गया है। शुद्ध लाभ में क्रमिक वृद्धि के साथ-साथ ईबीआईटीडीए में भी मजबूती आई है। हालांकि राजस्व में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
कंपनी के कर्ज और रिजर्व की स्थिति में भी बदलाव दर्ज हुआ है। जहां एक ओर कर्ज में समय-समय पर वृद्धि और कमी देखने को मिली, वहीं रिजर्व और सरप्लस में लगातार इजाफा हुआ है, जो कंपनी की वित्तीय स्थिरता की ओर संकेत करता है।
इसके बावजूद कमजोर लिस्टिंग और शुरुआती गिरावट ने निवेशकों की उम्मीदों को झटका दिया है, जिससे बाजार में इस शेयर को लेकर सतर्कता का माहौल बना हुआ है।












