कडलूर, 06 जून।
तमिलनाडु के कडलूर और पुडुचेरी के तटीय क्षेत्रों में तीन मछुआरों के समुद्र में लापता होने से हड़कंप मच गया है। इन मछुआरों का सुराग न मिलने पर उनके परिजनों और ग्रामीणों का सब्र का बांध टूट गया, जिसके चलते शनिवार को उन्होंने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से लापता लोगों की सुरक्षित वापसी और खोज अभियान में तेजी लाने की पुरजोर मांग की है।
विस्तृत जानकारी के अनुसार, मत्स्य प्रतिबंध अवधि लागू होने के बावजूद सी. पुदुपेट्टई निवासी रवि उर्फ रमेश, मनोहर और पुडुचेरी निवासी नागवेल 2 जून को फाइबर नौका से गहरे समुद्र में गए थे। वे इंद्रानगर निवासी वीरवेल की नाव लेकर निकले थे और उन्हें 3 जून तक वापस लौटना था। निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी जब वे नहीं लौटे, तो स्थानीय स्तर पर तलाश शुरू की गई, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी।
नाराज ग्रामीणों ने अन्नंगोविल क्षेत्र के पास सड़क जाम कर दी। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए मत्स्य विभाग के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। आश्वासन मिलने के बाद ही प्रदर्शनकारियों ने रास्ता खाली किया। फिलहाल भारतीय तटरक्षक बल, मत्स्य विभाग और अन्य सुरक्षा एजेंसियां बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।
तटीय इलाकों में सुरक्षा बल समुद्र के संभावित मार्गों की गहन निगरानी कर रहे हैं। इस दौरान स्थानीय समुदाय और मछुआरा संगठनों ने हेलीकॉप्टर के जरिए हवाई तलाशी अभियान चलाने की मांग की है, ताकि समुद्र के व्यापक क्षेत्र को कम समय में कवर किया जा सके। प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि कहीं नाव तकनीकी खराबी या खराब मौसम के कारण अपना रास्ता तो नहीं भटक गई।
लापता मछुआरों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे लगातार उनकी सलामती की प्रार्थना कर रहे हैं। सरकारी एजेंसियां समन्वय के साथ लापता नाव और मछुआरों का पता लगाने में दिन-रात एक कर रही हैं। कडलूर के इस पूरे तटीय क्षेत्र में फिलहाल तनावपूर्ण सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई बचाव दल की ओर से किसी सकारात्मक खबर के आने की प्रतीक्षा में है।









