बड़वानी, 06 जून ।
मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर गठित उच्च स्तरीय समिति द्वारा नागरिकों के विचार और सुझाव जुटाने के उद्देश्य से बड़वानी में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई।
यह बैठक पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में संपन्न हुई, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
बैठक में समिति की सदस्य डॉ. शोभा पैठनकर ने यूसीसी की अवधारणा, संभावित स्वरूप तथा अन्य राज्यों के अनुभवों पर विस्तार से चर्चा की और सामाजिक प्रभावों से जुड़े पहलुओं पर संवाद किया।
उन्होंने महिलाओं के अधिकार, सामाजिक न्याय, पारिवारिक कानूनों तथा संवैधानिक प्रावधानों से जुड़े विषयों पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ विचार साझा किए।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, अधिवक्ताओं, शांति समिति के सदस्यों, छात्र संगठनों, शिक्षाविदों और मीडिया प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।
सभी प्रतिभागियों ने यूसीसी से जुड़े अपने सुझाव समिति के समक्ष रखे और विभिन्न सामाजिक पहलुओं पर अपनी राय व्यक्त की।
डॉ. पैठनकर ने कहा कि भारत की पहचान उसकी ‘अनेकता में एकता’ की परंपरा है और किसी भी नीति पर निर्णय से पहले समाज के सभी वर्गों की राय आवश्यक है।
उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों से गांव स्तर पर चर्चा कर अधिक से अधिक लोगों को इस प्रक्रिया से जोड़ने की अपील की।
समिति ने बताया कि राज्य सरकार चाहती है कि इस विषय पर व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित हो ताकि नागरिकों के सुझावों के आधार पर पारदर्शी प्रस्ताव तैयार किया जा सके।
समिति ने नागरिकों से 15 जून 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल और ईमेल के माध्यम से अपने सुझाव भेजने की अपील की है।








