श्योपुर, 06 जून ।
श्योपुर जिले में देश की महत्वाकांक्षी चीता परियोजना को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है, जहां कुनो राष्ट्रीय उद्यान की 27 माह की भारतीय मूल की मादा चीता केजीपी-11 का शनिवार को इलाज के दौरान निधन हो गया।
जानकारी के अनुसार मादा चीता केजीपी-11 को 1 जून 2026 को मुरैना जिले के पहाड़गढ़ क्षेत्र के पास घायल अवस्था में पाया गया था, जिसके बाद वन विभाग और चीता परियोजना की टीम ने उसे तत्काल रेस्क्यू कर पालपुर स्थित पशु चिकित्सालय में भर्ती कराया था।
यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज लगातार चल रहा था, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद शनिवार शाम उसकी मृत्यु हो गई।
अधिकारियों ने बताया कि चीता की मौत के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल सका है और रविवार को उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा, जिसके बाद रिपोर्ट से वास्तविक कारण सामने आएंगे।
मादा चीता की मौत के बाद कुनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की कुल संख्या घटकर 49 रह गई है, जिनमें 32 भारतीय मूल के चीते शामिल हैं।
वर्तमान में 19 चीते खुले जंगल में स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे हैं, जबकि अन्य निगरानी में रखे गए हैं और सभी की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
देशभर में अब कुल चीतों की संख्या 52 रह गई है, जिसमें कुनो और गांधी सागर अभयारण्य के चीते शामिल हैं।









