नई दिल्ली, 6 जून।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने, पहले से उपलब्ध होने या बिक्री किए जाने से जुड़े दावों को पूरी तरह भ्रामक और निराधार बताया है। एजेंसी ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से ऐसी अफवाहों से सतर्क रहने की अपील की है।
एनटीए ने कहा कि सोशल मीडिया और विभिन्न मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किए जा रहे संदेशों का उद्देश्य छात्रों और उनके परिवारों को गुमराह करना है। एजेंसी के अनुसार इस तरह की झूठी सूचनाएं संगठित ठगी और नकल गिरोहों द्वारा फैलाई जा रही हैं, जो लोगों की चिंता का लाभ उठाकर आर्थिक धोखाधड़ी करने का प्रयास करते हैं।
एजेंसी ने स्पष्ट किया कि प्रश्नपत्र लीक होने अथवा उसकी बिक्री से संबंधित सभी दावे पूरी तरह मनगढ़ंत हैं। परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता, गोपनीयता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं तथा परीक्षा का संचालन पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जा रहा है।
एनटीए ने बताया कि भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया खातों, चैनलों और अन्य माध्यमों की पहचान की जा रही है। ऐसे मामलों को संबंधित प्लेटफॉर्म और साइबर अपराध एजेंसियों के संज्ञान में लाया जा रहा है ताकि दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा सके।
एजेंसी ने यह भी कहा कि मामले को लेकर कानून प्रवर्तन एजेंसियों और साइबर अपराध प्रकोष्ठ के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जा रही है। फर्जी सामग्री तैयार करना, उसका प्रसार करना या छात्रों को भ्रमित कर आर्थिक लाभ लेने का प्रयास करना गंभीर दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
एनटीए ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे किसी भी अपुष्ट सूचना पर भरोसा न करें, किसी व्यक्ति या समूह को धनराशि न दें और ऐसे संदेशों को आगे साझा करने से बचें। परीक्षा से जुड़ी सभी आधिकारिक जानकारी केवल अधिकृत माध्यमों और एनटीए के आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर ही उपलब्ध कराई जाएगी।
एजेंसी ने छात्रों से अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित रखने का आह्वान करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और तैयारी ही सफलता का आधार है। एनटीए निष्पक्ष, सुरक्षित और विश्वसनीय परीक्षा आयोजित कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उल्लेखनीय है कि मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा 3 मई को हुई थी। पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई थी। मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी द्वारा की जा रही है। पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी, जो दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक ऑफलाइन माध्यम में होगी।








