नई दिल्ली, 6 जून।
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश में अपनी रफ्तार तेज कर दी है और अब इसका विस्तार महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, मिजोरम तथा मणिपुर तक हो चुका है। इससे पहले मानसून केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और गोवा में दस्तक दे चुका था। मौसम विभाग का अनुमान है कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मानसून के पहुंचने में अभी कुछ और समय लग सकता है।
केरल में लगातार हो रही भारी वर्षा के चलते कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड में अत्यधिक बारिश की संभावना जताई गई है। त्रिशूर में पेड़ गिरने की घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई। वायनाड और कासरगोड में एहतियात के तौर पर स्कूलों को बंद रखा गया है, वहीं पहाड़ी इलाकों में यात्रा और ट्रेकिंग गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है।
देश के विभिन्न हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। बिहार में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में तेज बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों में मानसून पूर्वोत्तर भारत के सभी राज्यों और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों तक पहुंच सकता है। वहीं आगामी दस दिनों के दौरान इसके बिहार, झारखंड और ओडिशा में आगे बढ़ने की संभावना व्यक्त की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य भारत में मानसून की प्रगति फिलहाल अपेक्षाकृत धीमी रह सकती है।
केरल और तमिलनाडु में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और तूफानी परिस्थितियों की आशंका बनी हुई है। कई स्थानों पर जलभराव और पेड़ गिरने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। दूसरी ओर कुछ राज्यों में गर्मी का प्रभाव अभी भी कायम है। आंध्र प्रदेश में लू को लेकर चेतावनी जारी की गई है, जबकि ओडिशा और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक देश के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान जताया है तथा लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।








