भोपाल, 21 जून।
मध्य प्रदेश में मानसून का इंतजार और लंबा हो गया है। सामान्य समय से करीब छह दिन की देरी के बाद अब मानसून के 25 जून तक प्रदेश में प्रवेश करने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, मानसून की सुस्त चाल के बीच प्री-मानसून गतिविधियां पूरे राज्य में जोर-शोर से जारी हैं।
मौसम विभाग ने रविवार को इंदौर और ग्वालियर सहित प्रदेश के 37 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
जिन जिलों में बारिश की संभावना है, उनमें जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, झाबुआ और अलीराजपुर शामिल हैं। भोपाल और उज्जैन संभाग के कुछ हिस्सों में फिलहाल मौसम सामान्य रहने के आसार हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन के प्रभाव से अगले दो से तीन दिनों में वर्षा की गतिविधियां और तीव्र होंगी। इससे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर बढ़ेगा।
बीते शनिवार को उज्जैन में 59 मिमी और भोपाल में 33 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा इंदौर, ग्वालियर, श्योपुर, सीहोर और पीथमपुर में भी झमाझम वर्षा हुई। बारिश से तापमान में गिरावट आई है, लेकिन जिन इलाकों में बादल नहीं बरसे, वहां अभी भी गर्मी का असर है। छिंदवाड़ा में पारा सामान्य से 7.9 डिग्री अधिक रहा।
मानसून में देरी का असर अब कृषि पर भी साफ दिख रहा है। प्रदेश के 55 में से 45 जिले कम बारिश की मार झेल रहे हैं। अलीराजपुर में अभी तक सूखा है, वहीं जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में भी बारिश का बड़ा घाटा है। किसानों को मानसून का बेसब्री से इंतजार है ताकि खरीफ फसलों की बुवाई शुरू की जा सके।










