तेहरान, 21 जून।
ईरान ने एक बार फिर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को यातायात के लिए बंद कर दिया है। लेबनान में इजरायली सैन्य हमलों में 26 लोगों की मौत के बाद ईरान ने यह सख्त कदम उठाया है। तेहरान का आरोप है कि अमेरिका अपने संघर्ष विराम के वादों को पूरा करने में नाकाम रहा है।
इस कदम ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए उस हालिया समझौते को खतरे में डाल दिया है, जिसके तहत ईरान ने 60 दिनों की बातचीत के दौरान जहाजों के लिए ट्रांजिट शुल्क माफ करने पर सहमति जताई थी। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि जलडमरूमध्य के पास आने वाले जहाजों की सुरक्षा जोखिम में हो सकती है।
ईरान के शीर्ष सैन्य कमांड ने स्पष्ट किया है कि यह पहला कदम दुश्मन के वादे तोड़ने के जवाब में है। यदि आक्रामकता जारी रही, तो और भी सख्त रणनीतियां अपनाई जाएंगी। वहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि वे स्विट्जरलैंड में होने वाली वार्ता में अपनी मांगों पर अडिग रहेंगे।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया कि वार्ताकार स्विट्जरलैंड में परमाणु कार्यक्रम से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर काम कर रहे हैं। हालांकि, इजरायल द्वारा लेबनान में लगातार किए जा रहे हमलों ने इस शांति प्रक्रिया को पूरी तरह से पटरी से उतार दिया है।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को हिजबुल्लाह के ठिकानों पर जोरदार हमले जारी रखने के आदेश दिए हैं। लेबनान सीमा पर अभी भी गोलाबारी जारी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है और शांति समझौता अब पतन के कगार पर पहुंच गया है।










