वाशिंगटन, 22 जुलाई।
अमेरिकी सशस्त्र बलों को अपनी ताकत मजबूत करने के लिए भारी-भरकम बजट की दरकार है। ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन ने सीनेट के सामने इस संबंध में गुहार लगाई है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस बड़े प्रस्ताव के तहत कुल 1.5 ट्रिलियन डॉलर जुटाए जाने की योजना है। इसे भारतीय मुद्रा में करीब 130 लाख करोड़ रुपये आंका गया है।
सीनेट की कमेटी के सामने हुई गवाही में अधिकारियों ने दावा किया कि इस फंड का इस्तेमाल जरूरी तकनीक, सेना के वेतन और अन्य अहम खर्चों को पूरा करने में किया जाएगा।
इस भारी बजट के कारण देश के कई अन्य घरेलू कार्यक्रमों में पैसों की कटौती तय मानी जा रही है। युद्ध सचिव ने भी इस दिशा में त्वरित कदम उठाने की बात कही है।
इस भारी-भरकम रक्षा बजट पर सांसदों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। कुछ नेताओं ने इस कदम का समर्थन किया है, तो विपक्षी दलों ने खर्च को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।











