तेहरान, 22 जुलाई।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिकी सेना ने लगातार 11वीं रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी की है।
इस हमले का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बताया गया है। सेंटकॉम के अनुसार यह कार्रवाई ईरान की ताकत को कमजोर करने के लिए की जा रही है।
तेहरान में लगातार हो रहे हमलों के कारण वायु रक्षा प्रणाली को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। राजधानी के कई इलाकों में विस्फोटों की तेज आवाजें सुनी गई हैं।
खाड़ी देशों में इस युद्ध का असर साफ नजर आ रहा है। कतर और सऊदी अरब के शीर्ष नेताओं ने आपस में बातचीत कर राजनयिक प्रयासों को तेज करने पर जोर दिया है।
इस टकराव के दौरान कई अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने की भी दुखद खबर सामने आई है। पेंटागन ने इस बात की पुष्टि करते हुए सैनिकों की पहचान जारी की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति इस संघर्ष में जान गंवाने वाले सैनिकों के सम्मान में आयोजित समारोह में शामिल होंगे। उधर कुवैत में भी ड्रोन हमलों को नाकाम करने की खबरें आ रही हैं।










