नई दिल्ली, 22 जुलाई।
सुप्रीम कोर्ट ने संसद मार्च के दौरान कथित पुलिस ज्यादती के मामले में तत्काल सुनवाई से साफ मना कर दिया है, जिस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को दोटूक नसीहत देते हुए कहा कि वह अपनीमती समय बर्बाद न करें और अदालत के पास वीडियो देखने के लिए वक्त नहीं है।
यह सारा विवाद नीट परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जहां कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले सोनम वांगचुक के अनशन के बाद 20 जुलाई को निकाले गए संसद मार्च के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच भारी झड़प हुई थी।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लाठीचार्ज और आंसू गैस छोड़ने जैसी ज्यादतियों के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके सिलसिले में कनॉट प्लेस और संसद मार्ग समेत विभिन्न थानों में कई मुकदमे भी दर्ज किए जा चुके हैं।











