भोपाल, 21 जुलाई।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रमुख नेता राहुल गांधी की पुलिसिया गिरफ्तार किए जाने के विरोध स्वरूप कल मंगलवार के रोज मध्य प्रदेश भर में कांग्रेस दल का उग्र प्रदर्शन मध्य रात्रि तक निरंतर जारी रहा। राज्य के अनेक अंचलों में चले इन व्यापक विरोध आयोजनों के बीच राजधानी की विधानसभा के भीतर मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर कांग्रेसी विधायक लंबी रात तक अनिश्चितकालीन धरना देकर जमीन पर बैठे नजर आए, जिनका साथ देने के लिए प्रदेश कांग्रेस के मुखिया जीतू पटवारी भी वहां पहुंच गए।
मंगलवार के दिन प्रादेशिक कांग्रेस अध्यक्ष लोकभवन के समक्ष मुख्य मार्ग पर धरने पर बैठे हुए थे, तभी सुरक्षा बलों ने उन्हें तथा अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं को वहां से बलपूर्वक हटाकर वाहनों में बैठा लिया था। इसके कुछ ही समय उपरांत वे सीधे विधानसभा परिसर में दाखिल हुए और वहां पहले से ही धरने पर डटे हुए पार्टी विधायकों को अपना पूर्ण समर्थन प्रदान किया।
पूरे घटनाक्रम की शुरुआत दरअसल इस बात से हुई थी कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के निकट उग्र प्रदर्शन किया था। इस कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अखिलेश यादव समेत कई दिग्गज विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था, जिसके तीखे विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी सड़कों पर उतरकर मोर्चा खोल दिया।
शाम ढलने के बाद विधानसभा की विधिवत कार्यवाही संपन्न होने पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अगुवाई में कांग्रेस विधायक सीधे मुख्यमंत्री कक्ष के द्वार के बाहर धरने पर जा बैठे। इनमें से कई विधायक सरकार के खिलाफ अपना रोष प्रकट करने के लिए सीधे फर्श पर ही लेट गए। सदन के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इस गतिरोध को समाप्त कराने का प्रयास किया, किंतु विधायक अपनी जिद पर अड़े रहे और अंततः संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी चर्चा करने पहुंचे, जहां नेता प्रतिपक्ष के साथ उनकी तीखी तकरार हुई और जमकर नारेबाजी गूंजी।
राजधानी भोपाल के अतिरिक्त इंदौर, जबलपुर, कटनी, खंडवा, हरदा, शाजापुर, टीकमगढ़, रतलाम, डबरा तथा खरगोन जैसे तमाम अन्य जिलों में भी कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन, रैलियों और नारेबाजी का दौर चलाया। कई स्थानों पर वाहनों का चक्काजाम हुआ और पुलिस बल के साथ तीखी धक्का-मुक्की की स्थितियां भी बनीं। अधिकांश अन्य जिलों में तो रात गहराने के साथ ये विरोध प्रदर्शन थम गए, परंतु विधानसभा के भीतर कांग्रेस विधायकों का यह हंगामा और धरना देर रात तक लगातार जारी रहा।











