भोपाल, 25 सितंबर।
दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की बेला से ठीक पहले मध्य प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है, जहां बंगाल की खाड़ी में बने एक मजबूत मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने से राज्यभर में भारी बारिश का दौर लौट आया है। मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए जबलपुर समेत तेरह प्रमुख जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया है, जबकि सोलह अन्य जिलों में भी भारी वर्षा होने की पूरी संभावना जताई गई है। अगले चौबीस घंटों के दौरान कुछ विशेष क्षेत्रों में चार इंच से भी अधिक पानी बरसने के आसार हैं। इस गंभीर स्थिति और अतिवृष्टि की आशंका को मध्यनजर रखते हुए सतना जिले में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने छात्रों की सुरक्षा के लिहाज से पच्चीस और छब्बीस सितंबर को नर्सरी से लेकर आठवीं कक्षा तक के सभी शासकीय, अशासकीय, केंद्रीय और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है।
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, दमोह, उमरिया, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट जैसे जिलों में अति भारी बारिश का खतरा बना हुआ है, जबकि भिंड, दतिया, निवाड़ी, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल और पांढुर्णा में भारी बरसात अनुमानित है। इसके अतिरिक्त राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के अन्य तमाम हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ तेज से हल्की बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी रहेगा। बंगाल की खाड़ी में उठे इस तीव्र अवदाब का असर छब्बीस सितंबर तक विशेष रूप से प्रभावी रहेगा, जिसके पश्चात सतह आगे बढ़ने पर बारिश की गतिविधियों में क्रमिक कमी आने की उम्मीद है।
राज्य में सामान्यतः एक जून से तीस सितंबर तक चलने वाले मानसून चक्र के अब अंतिम छह दिन शेष हैं और विदाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस सत्र के दौरान अब तक कुल आठ सौ तिहत्तर दशमलव चार मिलीमीटर यानी चौंतीस दशमलव चार इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो कि नौ सौ पैंतीस दशमलव एक मिलीमीटर के औसत मानक से करीब ढाई इंच कम है। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश भर में कुल बारिश सामान्य से सात प्रतिशत कम रिकॉर्ड की गई है, जिसमें पूर्वी हिस्से में यह कमी दो प्रतिशत और पश्चिमी क्षेत्र में ग्यारह प्रतिशत के आसपास है। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही झमाझम वर्षा के कारण संभागवार और जिलेवार आंकड़ों में लगातार सुधार दर्ज किया जा रहा है।














