पारादीप, 8 अक्टूबर।
भारतीय तटरक्षक बल ने ओडिशा के पारादीप तट पर गुरुवार को 12वीं राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव अभ्यास का आयोजन किया। राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव बोर्ड के तहत हुए इस अभ्यास का उद्देश्य समुद्र में बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान के लिए विभिन्न एजेंसियों की तैयारी, आपसी समन्वय और तकनीकी क्षमता को परखना था।
अभ्यास की थीम राहत एवं बचाव की तैयारी तथा समुद्री सुरक्षा मजबूत करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल रही। भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि ने अभ्यास की समीक्षा की।
इसमें तटरक्षक बल, नौसेना, वायु सेना, भारतीय जहाजरानी निगम, जहाजरानी महानिदेशालय, मत्स्य विभाग, सीमा शुल्क, समुद्री पुलिस, पारादीप बंदरगाह प्राधिकरण और ओडिशा प्रशासन की विभिन्न इकाइयों ने हिस्सा लिया। 30 देशों के 32 पर्यवेक्षक भी अभ्यास में शामिल हुए।
अभ्यास के दौरान समुद्र में एक बड़े हादसे की स्थिति तैयार की गई। 228 यात्रियों को ले जा रहा एक यात्री विमान पारादीप बंदरगाह के पास समुद्र में गिरने का परिदृश्य बनाया गया। विमान का ढांचा एक मालवाहक पोत से टकराया, जिससे पोत को नुकसान पहुंचने के साथ आग लगने की स्थिति भी बनाई गई।
बचाव अभियान में 15 तटरक्षक पोत, तीन डोर्नियर विमान, तीन उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर और एक चेतक हेलीकॉप्टर शामिल रहे। वायु सेना के सी-130जे परिवहन विमान और एमआई-17 हेलीकॉप्टर के साथ नौसेना के दो पोतों ने भी अभ्यास में हिस्सा लिया।
अभ्यास के दौरान घटना नियंत्रण केंद्र सक्रिय करने, आग बुझाने, हेलीकॉप्टर से लोगों को निकालने और जीवन राफ्ट तैनात करने जैसी प्रक्रियाओं का प्रदर्शन किया गया। एयर-ड्रॉपेबल जीवन राफ्ट, जेसन क्रैडल, जेमिनी रिकवरी, बचाव टोकरी और स्क्रैम्बल नेट जैसी तकनीकों का भी इस्तेमाल किया गया।
इस दौरान दूर से संचालित वाहन की क्षमता का प्रदर्शन भी किया गया। अभ्यास के जरिए समुद्री आपदा के समय विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वित कार्रवाई और लोगों की जान बचाने की तैयारियों को परखा गया।














