नई दिल्ली, 08 अक्टूबर।
वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य और बढ़ती भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच वायु शक्ति देश के हितों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रही है। वायु सेना के 94वें स्थापना दिवस के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में उभर रहे संघर्षों ने एयर पावर की जरूरत को और स्पष्ट किया है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दौरान भारतीय वायु सेना की प्रभावी मारक क्षमता और मजबूत एयर डिफेंस ऑपरेशन्स सामने आए। परेड की सलामी लेने के बाद उन्होंने कहा कि ‘अचूक, अभेद्य और सटीक’ केवल एक टैगलाइन नहीं, बल्कि वायु सेना की क्षमता और संकल्प को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि वायु सेना किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है तथा कमांडरों के स्तर पर जिम्मेदारियों के प्रभावी बंटवारे और बेहतर निर्णय क्षमता के साथ एयर वॉरियर्स में नेतृत्व कौशल को मजबूत किया जा रहा है।
94वें एयर फोर्स डे के अवसर पर एयर चीफ मार्शल एपी सिंह विंटेज स्टाफ कार ‘फोर्ड गैलेक्सी’ से हिंडन एयरबेस पहुंचे। यह उनके कार्यकाल का अंतिम एयर फोर्स डे है, क्योंकि वह 31 अक्टूबर को वायु सेना प्रमुख का पद छोड़ेंगे। 1969 से वायु सेना के उपयोग में रही यह ऐतिहासिक कार लंबे समय से सुरक्षित रखी गई है। उन्होंने कहा कि किसी वायु सेना की वास्तविक क्षमता केवल अत्याधुनिक विमान या तकनीक से नहीं, बल्कि उसकी ऑपरेशनल तैयारी से तय होती है। उनके अनुसार भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमता लगातार बेहतर दिशा में बढ़ रही है और पूरी फोर्स में स्वामित्व तथा जवाबदेही की भावना मजबूत हो रही है। उन्होंने एयर वॉरियर्स को संगठन की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि उपकरण और तकनीक केवल साधन हैं, जबकि सफलता का वास्तविक आधार वे कर्मी हैं जो जिम्मेदारी, अनुशासन और सेवा मूल्यों के साथ देश की रक्षा में योगदान देते हैं।














