रायपुर, 13 अक्टूबर।
छत्तीसगढ़ के कथित 147 करोड़ रुपये के कस्टम राइस मिलिंग घोटाले में गिरफ्तार कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को विशेष अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पांच दिन की हिरासत अवधि पूरी होने के बाद उन्हें रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया।
ईडी ने अग्रवाल को 9 अक्टूबर 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद अदालत ने उन्हें पांच दिन की ईडी हिरासत में भेजा था। इस मामले में एजेंसी वर्ष 2024 में ही मुख्य आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। अग्रवाल कथित शराब घोटाले और कोयला लेवी मामले में भी जेल में बंद हैं। उन्होंने करीब तीन साल तक फरार रहने के बाद जुलाई 2026 में आत्मसमर्पण किया था।
ईडी ने रायपुर के अनुपम नगर और कटोरा तालाब स्थित उनके दो फ्लैटों को लगभग 9.06 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति के रूप में अस्थायी रूप से कुर्क किया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, खरीफ सीजन 2021-22 में कस्टम राइस मिलिंग के लिए विशेष प्रोत्साहन राशि 40 रुपये से बढ़ाकर 120 रुपये प्रति क्विंटल की गई थी। आरोप है कि इसके बाद राइस मिलरों से प्रोत्साहन राशि जारी करने के बदले 20 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अवैध वसूली की गई।
ईडी का दावा है कि दिसंबर 2022 से जुलाई 2023 के बीच इस तरीके से करीब 147 करोड़ रुपये जुटाए गए। आरोप है कि रकम देने से इनकार करने वाले मिलरों के बिल रोक दिए जाते थे। एजेंसी के मुताबिक, इस कथित वसूली व्यवस्था में राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और मार्कफेड के अधिकारियों से जुड़े लोगों की भूमिका थी।
जांच में ईडी ने अग्रवाल पर वसूली की व्यवस्था बनाने, उसकी निगरानी करने और रकम के इस्तेमाल से जुड़ी गतिविधियों में भूमिका निभाने का आरोप लगाया है। एजेंसी का दावा है कि एकत्रित धन एसोसिएशन के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर के माध्यम से अग्रवाल तक पहुंचाया जाता था और कथित तौर पर पार्टी फंड तथा राजनीतिक गतिविधियों में इस्तेमाल होता था। ये जांच एजेंसी के आरोप हैं, जिनका अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।














