भोपाल, 13 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश से मानसून की रवानगी के बावजूद राज्य में वर्षा का सिलसिला पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में दस्तक दे रहे पश्चिमी विक्षोभ और एक नए चक्रवाती तंत्र के असर से 15 और 16 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ इलाकों में तेज हवाओं व गर्जना के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं। इस बदलाव का मुख्य प्रभाव ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर तथा ग्वालियर समेत नौ जिलों में दिखेगा। इससे पहले 13 व 14 अक्टूबर को अधिकांश स्थानों पर मौसम शुष्क रहेगा, हालांकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों में दिन के समय धूप व गर्माहट तथा रातों में हल्की ठंडक महसूस की जाएगी।
दक्षिण-पश्चिम मानसून के इस पूरे सीजन (जून से सितंबर) में मध्य प्रदेश में कुल 908.4 मिमी (35.8 इंच) वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य औसत 949.5 मिमी (37.3 इंच) की तुलना में लगभग 4 प्रतिशत कम है। क्षेत्रीय भिन्नता की बात करें तो पूर्वी मध्य प्रदेश (जबलपुर, रीवा, सागर व शहडोल संभाग) में औसत से 4 प्रतिशत अधिक मेघ बरसे, जबकि पश्चिमी भाग में सामान्य से 12 प्रतिशत कम पानी गिरा। वर्तमान में दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है, और आने वाले दो-तीन दिनों में नए मौसम तंत्र के प्रभावी होने से ग्वालियर-चंबल अंचल में एक बार फिर मौसमी हलचल बढ़ने की संभावना है।














