नई दिल्ली, 16 अक्टूबर।
भारतीय युवा कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के प्रमुखों ने महिला कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब और छात्र संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ का आरोप है कि महिला कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय न्याय की मांग करने वाले नेताओं को हिरासत में लिया जा रहा है।
उदय भानु चिब ने एक वीडियो संदेश में दावा किया कि छात्र संगठन की महिला कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट हुई थी और इससे जुड़े वीडियो भी सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि जब वह जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग लेकर संसद मार्ग थाने पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें ही हिरासत में ले लिया। चिब ने स्पष्ट किया कि प्राथमिकी दर्ज होने और निष्पक्ष जांच शुरू होने तक विरोध जारी रहेगा।
कांग्रेस ने मंगलवार को चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए छात्र संगठन के प्रदर्शन के दौरान महिला कार्यकर्ताओं रितु बराला और अथिरा विजयन के साथ मारपीट का आरोप लगाया था। पार्टी का कहना है कि घटना के वीडियो सामने आने और दो दिन बीतने के बाद भी संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है।
इसी मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर गुरुवार देर रात संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद शुक्रवार तड़के युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, छात्र संगठन के अध्यक्ष विनोद जाखड़ को द्वारका सेक्टर-23 थाने में हिरासत में रखा गया।
विनोद जाखड़ ने शुक्रवार को वीडियो संदेश जारी कर पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि हिरासत में रखकर उनकी आवाज दबाई नहीं जा सकती। महिला कार्यकर्ताओं के साथ हुई कथित मारपीट की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि न्याय मिलने तक वह अपनी आवाज उठाते रहेंगे और संघर्ष जारी रखेंगे।














