नई दिल्ली, 16 अक्टूबर।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की प्रस्तावित भारत यात्रा को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने मुंबई में रुबियो की भारतीय राजनीतिक नेतृत्व के बजाय सरकारी अधिकारियों से होने वाली मुलाकात पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि रुबियो ने अपने अधिकारी को मुंबई बुलाया है और विदेश मंत्रालय के अधिकारी भी इस घटनाक्रम को लेकर असमंजस में हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से पूरे मामले को स्पष्ट करने की बात कही और कटाक्ष करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर वह खुद भी इसे समझा सकते हैं।
राहुल की यह टिप्पणी भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के बयान के बाद आई है। गोर ने बताया था कि अमेरिकी विदेश मंत्री मुंबई में भारत सरकार के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। उन्होंने यह उम्मीद भी जताई थी कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर इस दौरान मौजूद रहेंगे और दिल्ली से अन्य अधिकारी भी मुंबई पहुंचेंगे। अमेरिकी राजदूत ने इस यात्रा को अधिक पेशेवर और कामकाज पर केंद्रित बताया था।
हालांकि, इस मुद्दे पर विदेश मंत्रालय या विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राहुल गांधी की टिप्पणी पर भी मंत्रालय की ओर से जवाब नहीं दिया गया है।
इससे पहले गुरुवार को कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी इस मामले पर सवाल उठाए थे। उन्होंने पूछा था कि भारत के विदेश मंत्री की देश के भीतर होने वाली संभावित बैठकों की जानकारी विदेश मंत्रालय या उसके आधिकारिक प्रवक्ता के बजाय अमेरिकी राजदूत क्यों दे रहे हैं। उन्होंने इस स्थिति को असामान्य बताते हुए मंत्रालय की चुप्पी पर भी सवाल किया था।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर तक भारत और उज्बेकिस्तान की यात्रा पर रहेंगे। उनके कार्यक्रम के अनुसार, वह पहले उज्बेकिस्तान के समरकंद जाएंगे और इसके बाद भारत में मुंबई तथा जामनगर का दौरा करेंगे। उनके आधिकारिक कार्यक्रम में नई दिल्ली को शामिल नहीं किया गया है।
इस वर्ष रुबियो की यह दूसरी भारत यात्रा होगी। इससे पहले मई में वह क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली आए थे।














