रायबरेली, 17 अक्टूबर।
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री और अपना दल (एस) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष लोकतंत्र और भीड़तंत्र के बीच का अंतर भूल चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी हार से हताश विपक्ष अराजकता का रास्ता अपना रहा है।
अनुप्रिया पटेल शनिवार को रायबरेली में मीडिया से बातचीत कर रही थीं। वह प्रतापगढ़ में अपना दल (एस) के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल के 17वें परिनिर्वाण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थीं।
दिल्ली में विपक्षी दलों के प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीति में जनता का समर्थन हासिल करने के लिए सही दिशा, स्पष्ट नीति और जनसेवा जरूरी है। उनके अनुसार, विपक्ष के पास न तो कोई स्पष्ट नेता है, न नीति और न ही ठोस एजेंडा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चुनावी हार के बाद राजनीतिक दलों को अपनी रणनीति पर विचार करना चाहिए। इसके बजाय विरोध प्रदर्शनों के जरिए अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोगों के दिलों में जगह उपद्रव से नहीं, बल्कि जनसेवा के माध्यम से बनाई जाती है।
अनुप्रिया पटेल ने राजनीतिक दलों से जनता की समस्याओं पर ध्यान देने और अपने काम के आधार पर लोगों का विश्वास जीतने की बात कही। उन्होंने दिल्ली में विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शनों को लेकर भी सवाल उठाए।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि जनता का भरोसा एनडीए के साथ है और सरकार विकास के मुद्दे पर आगे बढ़ रही है।














