अस्पताल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान रेखा आर्य ने बताया कि पति के व्यवहार में बदलाव आने के बाद उनके मन में सवाल उठने लगे थे। इसके बाद पड़ताल के दौरान उन्हें संबंधित ऑडियो मिला। उनका कहना है कि रिकॉर्डिंग सुनने के बाद उन्होंने इसे सार्वजनिक करने का फैसला किया, ताकि लोगों को मामले की जानकारी मिल सके।
मंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने पति के साथ 22-23 वर्षों के संबंधों में पूरी ईमानदारी और समर्पण से जिम्मेदारियां निभाईं। ऑडियो में कथित टिप्पणियों और उन्हें नुकसान पहुंचाने के लिए किसी अन्य व्यक्ति का समर्थन किए जाने की बात सामने आने के बाद उन्होंने इसे लोगों के सामने रखने का निर्णय लिया।
रेखा आर्य ने गोल्ज्यू देवता की कसम खाते हुए ऑडियो को शत-प्रतिशत असली बताया। हालांकि, रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को घरेलू हिंसा और किसी भी प्रकार के अत्याचार के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। पारिवारिक परिस्थितियों, सामाजिक प्रतिष्ठा और लोगों की प्रतिक्रिया के डर से अन्याय सहते रहना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि वह तीन बार विधायक और दो बार मंत्री रह चुकी हैं। इसके बावजूद इस मामले को सार्वजनिक करने के बाद उन्हें आलोचनाओं और व्यक्तिगत टिप्पणियों का सामना करना पड़ सकता है। फिर भी उन्होंने अपनी बात रखने का फैसला किया। उन्होंने महिलाओं को आत्मसम्मान और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की सलाह दी।
अपने वैवाहिक जीवन के बारे में मंत्री ने बताया कि शादी के समय उन्हें अपने पति के पहले से विवाहित होने की जानकारी नहीं थी। उनके अनुसार, शादी और बच्चे होने के बाद उन्हें इस बारे में पता चला। इसके बाद परिवार के स्तर पर समझाने-बुझाने का प्रयास हुआ और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने संबंध जारी रखने का निर्णय लिया।
बिहार की एक घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस मामले में उनके पति ने माफी मांग ली थी। माफी स्वीकार करने के बाद उन्होंने उस विषय को आगे नहीं बढ़ाया। हालांकि, उनके अनुसार, बाद में उन्हें और उनकी बेटी को लेकर भी कई तरह की बातें कही गईं। ऑडियो में उनके पति के पुत्र को लेकर की गई टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि उनके आपसी संबंधों के बारे में संबंधित व्यक्ति ही बेहतर बता सकता है।
अपने खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों पर रेखा आर्य ने कहा कि उनका राजनीतिक जीवन और आय से संबंधित विवरण सार्वजनिक हैं। उन्होंने बताया कि उनकी राजनीतिक यात्रा 2003 में जिला पंचायत सदस्य बनने के साथ शुरू हुई थी। उन्होंने 2012, 2014 और 2022 के चुनावों में दिए गए विवरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी आय और अन्य जानकारियों की जांच कराई जा सकती है।
मंत्री ने कहा कि यदि किसी को उनकी संपत्ति को लेकर संदेह है तो नियमानुसार जांच कराकर उसके निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाने चाहिए। उन्होंने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि जांच में कुछ गलत पाए जाने पर वह उसके परिणाम स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।
रेखा आर्य ने यह भी स्पष्ट किया कि वह पुलिस में दी गई शिकायत वापस नहीं लेंगी। उनका कहना है कि शिकायत वापस लेने से आरोप समाप्त नहीं हो जाएंगे। उन्होंने पुलिस की निष्पक्ष जांच पर भरोसा जताते हुए कहा कि मामले के तथ्य सामने आने चाहिए। उन्होंने उनसे मिलने आए लोगों, महिलाओं, पार्टी के साथियों, राजनीतिक विरोधियों और आम जनता का सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।
मंत्री और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद 15 अक्टूबर को पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद सामने आया था। रेखा आर्य ने पति पर मारपीट, उत्पीड़न, धमकी और हत्या की साजिश रचने जैसे आरोप लगाए थे तथा एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग सार्वजनिक की थी। इसके बाद गिरधारी लाल साहू ने आरोपों को खारिज करते हुए रिकॉर्डिंग को कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार बताया और मंत्री की कथित आय से अधिक संपत्ति की जांच की मांग की।














