चामुंडेश्वरी विद्युत आपूर्ति निगम (सीईएससी) के सहयोग से 18 अक्टूबर की रात आयोजित इस प्रदर्शन को देखने के लिए हजारों दर्शक जुटे। आसमान में रोशनी से बनी मोर की भव्य आकृति आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। गिनीज विश्व रिकॉर्ड के प्रतिनिधियों ने उपलब्धि का सत्यापन करने के बाद प्रमाणपत्र प्रदान किया।
मैसूरु दशहरा के ड्रोन प्रदर्शन ने पिछले साल भी विश्व रिकॉर्ड बनाया था। वर्ष 2025 में 2,983 ड्रोन की मदद से आसमान में बाघ की विशाल आकृति बनाई गई थी। इस बार 3,473 ड्रोन से मोर की आकृति बनाकर नया रिकॉर्ड कायम किया गया।
परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम
बन्नीमंटप के मशाल परेड मैदान में होने वाला ड्रोन प्रदर्शन दशहरा महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। इसमें रोशनी के जरिए आसमान में विभिन्न आकृतियां बनाई जाती हैं। इस वर्ष मोर की विशाल आकृति के साथ कई अन्य आकर्षक दृश्य भी प्रस्तुत किए गए। यह आयोजन कर्नाटक की सांस्कृतिक परंपराओं और आधुनिक तकनीक के मेल को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने सामाजिक माध्यम एक्स पर इस उपलब्धि की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि 3,473 ड्रोन से बनी मोर की आकृति ने मैसूरु दशहरा को एक और गिनीज विश्व रिकॉर्ड दिलाया है।
मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को सीईएससी और ऊर्जा विभाग की तकनीकी क्षमता तथा नवाचार का प्रमाण बताते हुए टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पारंपरिक दशहरा उत्सव में आधुनिक तकनीक के समावेश से तैयार इस प्रदर्शन ने वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है और मैसूरु दशहरा की सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।














