नई दिल्ली, 21 अक्टूबर।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस पर स्वयंसेवकों को बधाई देते हुए उनके सेवा कार्यों की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने संदेश में कहा कि संघ के स्वयंसेवक ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को केंद्र में रखकर समाज को एकजुट करने और देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए समर्पित भाव से काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, देशभर में संचालित सेवा गतिविधियां सामाजिक सहयोग, जिम्मेदारी और निःस्वार्थ सेवा के मूल्यों को मजबूत कर रही हैं। अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और जनसेवा की यह परंपरा नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करेगी। इस अवसर पर भारतीय जनसंघ की स्थापना से जुड़ा इतिहास भी उल्लेखनीय है। 21 अक्टूबर 1951 को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में भारतीय जनसंघ की स्थापना हुई थी। उस दौर में देश विभाजन के बाद विस्थापन और पुनर्वास जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा था। डॉ. मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर में परमिट व्यवस्था के विरोध में आंदोलन चलाया और राष्ट्रीय एकता के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। बाद में पंडित दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और नानाजी देशमुख जैसे नेताओं ने संगठन की विचारधारा और विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आपातकाल के दौरान भारतीय जनसंघ ने लोकतंत्र की बहाली के आंदोलन में भाग लिया। वर्ष 1980 में जनता पार्टी के विघटन के बाद भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ। पार्टी के राजनीतिक इतिहास में राष्ट्रवाद, अंत्योदय और एकात्म मानववाद को प्रमुख विचारधाराओं के रूप में प्रस्तुत किया जाता रहा है। वर्ष 2019 में केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधानों को निष्प्रभावी कर जम्मू-कश्मीर की संवैधानिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया, जिसे भाजपा डॉ. मुखर्जी के विचारों से जोड़ती है। पार्टी की ओर से गरीब कल्याण, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना और हर घर जल जैसी योजनाओं को जनकल्याण तथा विकास के प्रयासों के उदाहरण के रूप में रेखांकित किया जाता है। स्थापना दिवस के अवसर पर स्वयंसेवकों के सेवा कार्यों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को याद करते हुए नितिन नवीन ने समर्पण, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।














