अभ्यास के दौरान बंदरगाह और समुद्री चरणों में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इसमें शामिल नौसैनिकों ने पेशेवर अनुभव साझा किए, परिचालन से जुड़े विषयों पर चर्चा की और संयुक्त प्रशिक्षण में भाग लिया। इन गतिविधियों से तीनों नौसेनाओं को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली, क्षमताओं और समुद्री अभियानों के तरीकों को समझने का अवसर मिला।
समापन समारोह में भारतीय युद्धपोत आईएनएस तरकश के कमांडिंग ऑफिसर ने कहा कि ऐसे अभ्यास लंबे समय से चले आ रहे कूटनीतिक संबंधों को नौसैनिक सहयोग में बदलने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने साझा अनुभवों, पेशेवर संवाद और आपसी सीख के जरिए नौसैनिकों के बीच मजबूत संबंध विकसित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के समुद्री हित एक-दूसरे से जुड़े हैं। तीनों देश सुरक्षित, संरक्षित और स्थिर समुद्री क्षेत्र बनाए रखने में साझा हित रखते हैं। इस तरह के अभ्यास नौसेनाओं को समान समुद्री चुनौतियों से निपटने, बेहतर कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान करने और संयुक्त रूप से काम करने की क्षमता बढ़ाने का अवसर देते हैं।
अभ्यास के दौरान नियमित संवाद, साझा प्रशिक्षण और समुद्री अभियानों की आपसी समझ से परिचालन तालमेल को मजबूत किया गया। इसमें शामिल नौसैनिकों के बीच बने पेशेवर संबंध भविष्य में भी सहयोग को बढ़ावा देंगे। अभ्यास का सफल समापन तीनों देशों की नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग और खुले समुद्र में मिलकर काम करने की क्षमता बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।














