लेह, 21 अक्टूबर।
भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के पहले सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना और इसे शैक्षणिक सत्र 2027-28 से संचालित करने की हरी झंडी दे दी है। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के प्रयासों और हस्तक्षेप के बाद मिली इस मंजूरी से संस्थान में शैक्षणिक जरूरतों के अनुसार 103 स्वीकृत स्थायी पदों पर चरणबद्ध तरीके से भर्तियां शुरू करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस महत्वपूर्ण फैसले को लद्दाख के नागरिकों की वर्षों पुरानी उस मांग को पूरा करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जिसके तहत वे क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा की सुविधा का इंतजार कर रहे थे।
लेह में खुलने जा रहा यह पहला राजकीय मेडिकल कॉलेज न केवल केंद्र शासित प्रदेश के स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में डॉक्टरी की पढ़ाई करने के नए अवसर प्रदान करेगा, बल्कि इससे नैदानिक प्रशिक्षण (क्लिनिकल ट्रेनिंग) ढांचा भी सुदृढ़ होगा। इस नए चिकित्सा संस्थान के क्रियान्वयन से लद्दाख के सुदूर और दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और दीर्घकालिक चिकित्सा सुविधाओं के विकास में अत्यधिक मदद मिलेगी।














