मुंबई, 21 अक्टूबर।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग की है। बुधवार को मुंबई प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी है, तो बैलेट पेपर से चुनाव कराने में परेशानी क्यों होनी चाहिए। उन्होंने अगले तीन से चार महीनों में बड़े राजनीतिक घटनाक्रम होने की आशंका भी जताई।
राज ठाकरे ने कहा कि वह वर्ष 2018 से लगातार बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं। उनके मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से नतीजे जल्दी आ जाते हैं, लेकिन मतदाताओं के मन में चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर सवाल बने रहते हैं। उन्होंने कहा कि परिणाम आने में कुछ दिन अधिक लगने से कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ता।
उन्होंने दावा किया कि दुनिया के अधिकांश देशों में बैलेट पेपर से मतदान कराया जाता है और चुनाव प्रक्रिया को लेकर नागरिकों के मन में पैदा होने वाले संदेह दूर करना जरूरी है।
राज ठाकरे ने देश के राजनीतिक हालात पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जनता में असंतोष बढ़ रहा है और आने वाले महीनों में बड़े राजनीतिक बदलाव हो सकते हैं। उन्होंने भाजपा और केंद्र सरकार की कार्यशैली की आलोचना करते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के सत्ता में हमेशा बने रहने की गारंटी नहीं है।
उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता, नागरिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की आजादी का मुद्दा भी उठाया। राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि सरकार की आलोचना करने वाली सामग्री को ऑनलाइन मंचों से हटाने का दबाव बनाया जाता है। गौतम अडानी से संबंधित एक डॉक्यूमेंट्री का उल्लेख करते हुए उन्होंने दावा किया कि उसे यूट्यूब से हटाने के लिए दबाव डाला गया था।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना और असहमति व्यक्त करने की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए।













