राष्ट्रीय महिला आयोग और दिल्ली विश्वविद्यालय के संयुक्त उड़ान कार्यक्रम के तहत 26 केंद्रों पर आयोजित व्याख्यानों और रचनात्मक प्रतियोगिताओं से करीब 12,500 छात्राओं को जागरूकता एवं कौशल विकास का लाभ मिला।
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए शिक्षा, सुरक्षा, आर्थिक भागीदारी और नेतृत्व में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्राओं से अपने अधिकारों और मौलिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने तथा परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
विजया रहाटकर गुरुवार को राष्ट्रीय महिला आयोग और दिल्ली विश्वविद्यालय के गैर-कॉलेजिएट महिला शिक्षा बोर्ड (एनसीवेब) की संयुक्त पहल ‘उड़ान : सपने बड़े हों, रास्ते अनेक हों’ के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक युवा महिला को अपना भविष्य संवारने और देश की प्रगति में योगदान देने के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल और अवसर मिलने चाहिए।26 केंद्रों पर आयोजित हुए 26 व्याख्यानइस पहल के तहत 1 से 19 अक्टूबर के बीच दिल्ली विश्वविद्यालय के एनसीवेब के 26 केंद्रों पर 26 व्याख्यान आयोजित किए गए। इनके माध्यम से करीब 12,500 छात्राओं को जागरूकता और कौशल विकास से संबंधित जानकारी दी गई।व्याख्यानों में व्यक्तिगत विकास, उभरती प्रौद्योगिकियों, डिजिटल उपकरणों, भविष्य के लिए आवश्यक कौशल और सुरक्षित ऑनलाइन गतिविधियों जैसे विषयों पर जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं की प्रतिभा और आकांक्षाओं को प्रोत्साहित करना तथा शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के माध्यम से उन्हें अपने सपने पूरे करने के लिए प्रेरित करना था।रचनात्मक प्रतियोगिताओं से दिया लैंगिक समानता का संदेश‘उड़ान’ के अंतर्गत छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने के लिए तीन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें रील निर्माण, लैंगिक जागरूकता के लिए गीतों के बोल को नए रूप में प्रस्तुत करने की प्रतियोगिता और पोस्टर निर्माण शामिल थे।इन गतिविधियों के माध्यम से छात्राओं को लैंगिक रूढ़ियों को चुनौती देने, समानता का संदेश देने और सामाजिक मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करने का अवसर मिला। प्रतियोगिताओं ने डिजिटल साक्षरता, आलोचनात्मक सोच, कलात्मक अभिव्यक्ति और सामाजिक भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया।कार्यक्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य निवेदिता एस. सुब्रमण्यम और अर्चना मिश्रा, दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष लता गुप्ता, दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव रश्मि सिंह, दिल्ली विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार विकास गुप्ता और एनसीवेब की निदेशक गीता भट्ट भी मौजूद रहीं।आयोजकों के अनुसार, इस संयुक्त पहल का उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाना, नए अवसरों के प्रति उनकी समझ विकसित करना और उन्हें व्यक्तिगत, शैक्षणिक तथा व्यावसायिक जीवन से जुड़े निर्णय लेने में सक्षम बनाना है।