काठमांडू, 23 अक्टूबर।
नेपाल के वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने देश में हाल की प्राकृतिक आपदाओं और वर्ष 2015 के विनाशकारी भूकंप के दौरान भारत की ओर से तुरंत मिली सहायता के लिए आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि संकट के समय भारत ने तेजी से मदद पहुंचाकर महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
नई दिल्ली में आयोजित विश्व शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान वाग्ले ने भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ नेपाल-भारत संबंधों और क्षेत्रीय हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा की। ‘अ वर्ल्ड बिटवीन ऑर्डर्स’ सम्मेलन में उन्होंने जलवायु परिवर्तन से प्रभावित रसुवा और भोटेकोशी क्षेत्रों में हाल में आई आपदा का उल्लेख करते हुए भारत की मदद को याद किया।
नेपाल के वित्त मंत्रालय के अनुसार, वाग्ले ने कहा कि हालिया आपदा और वर्ष 2015 के भूकंप के दौरान शुरुआती कुछ घंटों में ही भारत सहायता के लिए पहुंच गया था। उन्होंने इस सहयोग के लिए नेपाल की ओर से आभार जताया। साथ ही, आपदा प्रबंधन, पोषण और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय, त्रिपक्षीय और उपक्षेत्रीय सहयोग को संस्थागत स्वरूप देने की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जवाब में कहा कि जहां संभव हो, वहां सहयोग के लिए औपचारिक संस्थागत व्यवस्था का अपना महत्व है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन को इसका उदाहरण बताया।
जयशंकर ने यह भी कहा कि हाल के समय में समान विचारधारा वाले देशों के बीच जरूरत के मुताबिक साझेदारी करने और ठोस परिणाम देने वाली पहलों को आगे बढ़ाने पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है।














