नई दिल्ली, 23 अक्टूबर।
भारतीय जनता पार्टी ने रेहान वाड्रा की कला प्रदर्शनी के मसले पर कांग्रेस पार्टी तथा प्रियंका गांधी वाड्रा पर तीखे हमले किए हैं।
भगवा दल का दावा है कि दिल्ली के बीकानेर हाउस को भेजे गए इलेक्ट्रॉनिक पत्र से यह बात पूरी तरह उजागर होती है कि प्रारंभिक चरण में इस आयोजन का कोई सियासी एजेंडा नहीं था।
पार्टी के एक प्रवक्ता ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि रेहान ने इसी वर्ष 10 जून को बीकानेर हाउस को एक मेल भेजकर 20 से 25 अक्टूबर के दौरान ‘नो आइडिया इज फाइनल’ शीर्षक से अपनी प्रदर्शनी का प्रस्ताव रखा था।
इस शुरुआती प्रस्ताव में मुख्य रूप से प्रकृति, वन्यजीव, अमूर्त कला, पोर्ट्रेट, मूर्तिकला और इमर्सिव इंस्टॉलेशन जैसे कलात्मक विषयों का ही जिक्र किया गया था, जिसे संबंधित प्रबंधन ने 30 जून को स्वीकृति भी प्रदान कर दी थी।
दावे के अनुसार, आयोजक को सभी दिशा-निर्देशों की पूरी जानकारी थी और वे पिछले तीन वर्षों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे।
आरोप लगाया गया है कि बाद में परिवार की तरफ से डाले गए दबाव के चलते इस कला आयोजन में राजनीतिक प्रकृति की तस्वीरों को भी शामिल कर लिया गया।
इसी वजह से बीकानेर हाउस को गत 21 अक्टूबर को मेल भेजकर उन आपत्तिजनक तस्वीरों को हटाने का आधिकारिक निर्देश देना पड़ा था।
प्रशासन का कहना था कि वहां प्रदर्शित की गई चौहत्तर तस्वीरें स्वीकृत विषयों और निर्धारित नियमों के दायरे में नहीं आती थीं।
भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि प्रियंका गांधी अपने बेटे को राजनीति के अखाड़े में उतारने के लिए ही इस पूरे प्रकरण को बेवजह विवाद का रूप देने का प्रयास कर रही हैं।
साथ ही यह दावा भी किया गया कि प्रियंका का अपने भाई राहुल गांधी से राजनीतिक भरोसा अब समाप्त हो चुका है।
राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा गया कि वे वियतनाम में बैठकर तमाम समसामयिक मुद्दों पर टिप्पणियां कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने अब तक अपने भतीजे के समर्थन में खुलकर एक शब्द भी नहीं लिखा है।














