पटना, 23 अक्टूबर।
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार शाम पटना के बापू सभागार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर महानाट्य ‘संघ सृजन का आविष्कार : युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार’ का शुभारंभ किया। नागपुर की नादब्रह्म संस्था द्वारा निर्मित इस महानाट्य के मंचन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार डॉ. हेडगेवार के जीवन, त्याग, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास करेगी।युवाओं को डॉ. हेडगेवार के विचारों से परिचित कराने पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. हेडगेवार के जीवन पर आधारित महानाट्य राष्ट्रभक्ति, त्याग, अनुशासन और समाज सेवा जैसे मूल्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता है। उन्होंने डॉ. हेडगेवार को स्वतंत्रता सेनानी, विचारक और संगठनकर्ता बताते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना कर संगठन और राष्ट्रसेवा की परंपरा विकसित की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संघ की शाखाओं के माध्यम से इससे जुड़े लोग राष्ट्रसेवा, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रसार के लिए कार्य करते रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने की बात भी कही।
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में दो करोड़ से अधिक युवा हैं। नई पीढ़ी, विशेषकर जेन-जी को डॉ. हेडगेवार के जीवन, संघर्ष, विचारों और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण से परिचित कराना जरूरी है। उनके अनुसार, महानाट्य इस उद्देश्य के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।
पटना के अलावा अन्य जिलों में भी होगा मंचन
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि महानाट्य का मंचन केवल पटना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बिहार के अन्य जिलों में भी इसका आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं तक डॉ. हेडगेवार के जीवन और विचारों को पहुंचाना है।
कार्यक्रम में महानाट्य के निर्माता पद्माकर धानोरकर ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार और आरएसएस बिहार-झारखंड के क्षेत्रीय कार्यवाह डॉ. मोहन सिंह ने भी संबोधित किया। स्कूली बच्चों ने राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव, पटना नगर निगम की महापौर सीता साहू, पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद, बिहार भाजपा संगठन महामंत्री भिखूभाई दलसानिया और कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव प्रणव कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति, संघ से जुड़े लोग और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।














