काठमांडू, 24 अक्टूबर।
नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) के संयोजक पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचंड’ ने दावा किया है कि देश में जल्द ही एक बार फिर नई राजनीतिक परिस्थितियां बनेंगी। उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दों को ईमानदारी और निष्ठा के साथ उठाकर विपरीत परिस्थितियों में भी जनसमर्थन हासिल किया जा सकता है।
प्रचंड शनिवार को काठमांडू स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित ‘पार्टी जागरण अभियान’ के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने तत्कालीन जनयुद्ध के शुरुआती दौर को याद किया और आंदोलन के संघर्षपूर्ण सफर का उल्लेख किया।
जनसमर्थन से संभव हुआ ऐतिहासिक परिवर्तन
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि सीमित संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ शुरू हुआ आंदोलन समय के साथ लाखों लोगों के समर्थन में बदल गया। इससे नेपाल में ऐतिहासिक परिवर्तन का रास्ता खुला। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता के सवालों को प्राथमिकता देकर और निरंतर संघर्ष के जरिए राजनीतिक समर्थन मजबूत किया जा सकता है।
प्रचंड ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में माओवादी आंदोलन और उसके ऐतिहासिक योगदान को कम करके देखने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। उन्होंने ऐसी कोशिशों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि परिवर्तन में योगदान देने वालों की उपेक्षा करने के प्रयास सफल नहीं होंगे।
इतिहास और बलिदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता
प्रचंड ने कहा कि विचार, सिद्धांत और बलिदान की नींव को आसानी से मिटाया नहीं जा सकता। उन्होंने हाल के दिनों में पार्टी के खिलाफ की जा रही टिप्पणियों और आलोचनाओं का उल्लेख करते हुए चेतावनी दी कि इतिहास की अनदेखी करके आगे नहीं बढ़ा जा सकता।
उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में नेपाल में राजनीतिक परिस्थितियां बदलेंगी। हालांकि, उन्होंने संभावित बदलाव के स्वरूप या समयसीमा को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी।













