काठमांडू, 26 अक्टूबर।
नेपाल को मिलने वाली विदेशी आर्थिक सहायता की प्रतिबद्धता में करीब साढ़े तीन गुना की कमी दर्ज की गई है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नेपाल सरकार ने विदेशी अनुदान के रूप में 61 अरब 74 करोड़ 54 लाख रुपये और विदेशी ऋण के जरिए 248 अरब 28 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के सितंबर महीने में नेपाल को 2 अरब 20 करोड़ 38 लाख नेपाली रुपये की विदेशी सहायता देने की प्रतिबद्धता मिली। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के इसी महीने में यह राशि 8 अरब 6 करोड़ रुपये थी। इस बार सितंबर में सहायता की पूरी प्रतिबद्धता अनुदान के रूप में रही।
क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सितंबर में घोषित विदेशी सहायता में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी सबसे अधिक 70 प्रतिशत रही। शिक्षा क्षेत्र को 17.4 प्रतिशत और अन्य क्षेत्रों को 12.7 प्रतिशत सहायता देने की प्रतिबद्धता मिली। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में ऊर्जा क्षेत्र सबसे आगे था, जिसे कुल प्रतिबद्ध विदेशी सहायता का 84.4 प्रतिशत हिस्सा मिला था।
सितंबर महीने में नेपाल सरकार को वास्तविक रूप से 24 करोड़ 3 लाख रुपये का विदेशी अनुदान प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त 3 अरब 29 करोड़ 80 लाख रुपये का विदेशी ऋण भी मिला। इस तरह महीने के दौरान नकद रूप में कुल 3 अरब 53 करोड़ 83 लाख रुपये की विदेशी सहायता नेपाल को प्राप्त हुई।
पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में नेपाल को 42 करोड़ 19 लाख रुपये का विदेशी अनुदान और 4 अरब 57 करोड़ 48 लाख रुपये का विदेशी ऋण मिला था। इन आंकड़ों से दोनों वर्षों के सितंबर महीने में प्राप्त अनुदान और ऋण की राशि में अंतर स्पष्ट होता है।













