भोपाल, 24 अक्टूबर।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित तीन दिवसीय भारत अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन 2026 में मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के जीआई टैग प्राप्त चिन्नौर चावल को अंतरराष्ट्रीय मंच मिला है। 23 से 25 अक्टूबर तक चल रहे इस सम्मेलन में चिन्नौर चावल का विशेष स्टॉल लगाया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय उत्पाद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहचान दिलाना है।
अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने पेश की खासियत
एक जिला-एक उत्पाद योजना के तहत चयनित बालाघाट चिन्नौर चावल का प्रदर्शन मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड और कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
इस सम्मेलन में लालबर्रा चिन्नौर फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड बालाघाट का प्रतिनिधित्व कर रही है। कंपनी के अध्यक्ष ईशुपाल चौहान और संचालक सदस्य राधेलाल पटले ने स्टॉल पर पहुंचे चावल निर्यातकों, व्यापारियों और प्रतिनिधियों को चिन्नौर की गुणवत्ता, प्राकृतिक सुगंध तथा इसके पारंपरिक महत्व की जानकारी दी।
किसानों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय बाजार का अवसर
सम्मेलन के माध्यम से किसान उत्पादक संगठन को भारतीय निर्यातकों और विदेशी खरीदारों के साथ सीधे व्यापारिक संवाद करने का अवसर मिल रहा है। इससे बालाघाट के पारंपरिक रूप से उत्पादित चिन्नौर चावल के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में संभावनाएं बढ़ने की उम्मीद है। इसका लाभ स्थानीय धान उत्पादक किसानों को भी मिल सकता है।
2021 में मिला था जीआई टैग
चिन्नौर चावल अपनी खास खुशबू, पकने के बाद कोमलता और मिठास के लिए जाना जाता है। इसे वर्ष 2021 में भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग मिला था। भारत मंडपम में आयोजित सम्मेलन के दौरान इसके स्टॉल पर आने वाले आगंतुकों और निर्यातकों ने इस उत्पाद में रुचि दिखाई।














