नई दिल्ली, 24 अक्टूबर।
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के स्थापना दिवस पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने बल के जवानों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। नेताओं ने देश की सीमाओं की सुरक्षा, कठिन परिस्थितियों में सेवा और जवानों के बलिदान को राष्ट्र के लिए प्रेरणादायक बताया।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि आईटीबीपी के हिमवीर दुर्गम पहाड़ी इलाकों और प्रतिकूल मौसम में भी साहस, अनुशासन तथा कर्तव्यनिष्ठा के साथ सीमा की रक्षा करते हैं। आपदा के समय राहत पहुंचाने और जरूरतमंदों की सहायता करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। उन्होंने जवानों के समर्पण और बलिदान को नमन किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आईटीबीपी के जवानों ने अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प के साथ हर चुनौती का सामना किया है। उनकी निस्वार्थ सेवा और देश के प्रति समर्पण सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हिमालय के दुर्गम क्षेत्रों में तैनात जवानों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी के सैनिकों ने कठिन परिस्थितियों में राष्ट्र की सेवा करते हुए साहस, कर्तव्यनिष्ठा और मातृभूमि की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण पेश किया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हिमवीर बेहद कठिन जलवायु में देश की सीमाओं की सुरक्षा करते हैं। आंतरिक सुरक्षा अभियानों और वामपंथी उग्रवाद से निपटने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने जवानों के पेशेवर कौशल, साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण की प्रशंसा की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बर्फ से ढके पहाड़ों पर देश की रक्षा में तैनात जवानों का शौर्य राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति भारत के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में सीमाओं की रक्षा करते हुए हिमवीर साहस, अनुशासन और समर्पण की मिसाल कायम करते हैं। उनकी सेवा और बलिदान की भावना प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है।














