नई दिल्ली, 24 अक्टूबर।
देश की आंतरिक सुरक्षा और नागरिक सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने के उद्देश्य से गृह मंत्रालय तथा भारतीय सेना मिलकर एक बड़े पायलट प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। इस संयुक्त पहल के तहत 12 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 60 हजार स्वयंसेवकों का एक समर्पित नागरिक सुरक्षा नेटवर्क तैयार किया जाएगा। योजना के प्रथम चरण में मास्टर ट्रेनर तैयार करने के लिए तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें प्रत्येक चयनित राज्य व केंद्र शासित प्रदेश से 50-50 प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। कुल 600 मास्टर ट्रेनर्स को भारतीय सेना के निर्धारित प्रशिक्षण केंद्रों में तराशा जाएगा और यह पूरा ट्रेनिंग शेड्यूल नवंबर 2026 के दूसरे सप्ताह तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह महत्वाकांक्षी कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशवासियों को संबोधित करते हुए दिए गए विचार पर आधारित है। अपने संबोधन में उन्होंने आधुनिक तकनीकों, उन्नत प्रणालियों और समकालीन तैयारी क्षमताओं से लैस एक सशक्त तथा गतिशील नागरिक सुरक्षा ढांचा खड़ा करने का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया था। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से न केवल स्थानीय स्तर पर आपदाओं और आपात स्थितियों से निपटने में मदद मिलेगी, बल्कि आम नागरिकों व सेना के बीच बेहतर समन्वय भी स्थापित हो सकेगा, जिससे देश का सुरक्षा कवच और अधिक मजबूत होगा।














