सुपौल, 25 मार्च।
जिले में लगभग नौ वर्ष पुराने गैर इरादतन हत्या के मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनंत सिंह की अदालत ने आरोपी गंगा प्रसाद साह को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि आरोपी जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे अतिरिक्त छह माह की सजा भुगतनी होगी। लंबी सुनवाई के दौरान कुल 10 गवाहों की गवाही दर्ज हुई, जिनमें 7 अभियोजन और 3 बचाव पक्ष के गवाह शामिल थे।
घटना 9 मई 2017 की शाम की है, जब मृतक जयनारायण साह अपनी पत्नी के साथ घर के आंगन में बैठे थे। इसी दौरान गंगा प्रसाद साह अपने परिजनों के साथ वहां पहुंचे और विवाद के दौरान गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने लकड़ी के डंडे से जयनारायण साह के सिर पर हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल अवस्था में उन्हें पटना ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मामले में मरौना थाना कांड संख्या 56/17 और सत्रवाद संख्या 252/17 दर्ज किया गया था।
सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश कुमार सिंह ने पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विनोद कांत झा ने बहस की। अदालत ने 18 मार्च को आरोपी को दोषी ठहराया और सजा का अंतिम निर्णय सुनाया। इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है और यह समाज में कड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।












