कोलकाता, 21 मार्च।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में लिफ्ट हादसे में 41 वर्षीय अरूप बंद्योपाध्याय की मौत के मामले में पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में कई भयावह तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार हादसा इतना गंभीर था कि मृतक के हाथ-पैर और पसलियां टूट गई थीं तथा गंभीर चोटों के कारण उनका हृदय, फेफड़े और यकृत फट गए। मृतक के पिता अमल बंद्योपाध्याय की लिखित शिकायत के आधार पर टाला थाना पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने पांच लोगों को पूछताछ के लिए तलब किया है।
जानकारी के अनुसार अरूप अपने छोटे बेटे के इलाज के लिए अस्पताल गए थे। शुक्रवार तड़के उन्हें लिफ्ट से गंभीर रूप से घायल अवस्था में बाहर निकाला गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर कई गंभीर चोटें पाई गई हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार हाथ-पैर और पसलियों की हड्डियां टूट चुकी थीं और आंतरिक अंग भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त थे।
अस्पताल अधीक्षक सप्तर्षि चट्टोपाध्याय के अनुसार मृतक के पिता ने बताया कि अरूप लिफ्ट में फंस गए थे। एक बटन दबाने के बाद लिफ्ट अचानक ऊपर-नीचे होने लगी। जब लिफ्ट एक तल पर रुकी, तो अंदर फंसे तीन लोग बाहर निकलने का प्रयास करने लगे। इसी दौरान अरूप बाहर निकलते समय लिफ्ट और दीवार के बीच फंस गए। अधीक्षक ने कहा कि अगर उस समय लिफ्टमैन मौजूद होता तो हादसा टल सकता था। अब अस्पताल की सभी 32 लिफ्टों में कर्मचारी की तैनाती अनिवार्य कर दी गई है।
रेजिडेंट डॉक्टरों के संगठन ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। संगठन ने लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई, लिफ्ट सुरक्षा सुधार और सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने की बात कही है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में लगी हुई है और संभावित लापरवाही के सभी पहलुओं को देख रही है।












