नारनौल, 04 अप्रैल।
नारनौल में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहां यूथ कांग्रेस के जिला प्रधान के घर 78 करोड़ 92 लाख रुपये का बिजली बिल भेज दिया गया। मोबाइल पर बिल का संदेश आते ही उपभोक्ता सकते में आ गया। उपभोक्ता ने इस मामले को लेकर सरकार पर जानबूझकर परेशान करने का आरोप भी लगाया।
यूथ कांग्रेस जिला प्रधान पुनीत बुलाना ने शनिवार को बताया कि वह गांव हसनपुर के निवासी हैं और उनके घर का 10 किलोवाट का एनडीएस कनेक्शन उनकी मां बिमला देवी के नाम पर है। इस कनेक्शन से पहले आटा चक्की चलती थी, लेकिन पिछले दो साल से बंद पड़ी है।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को उनके मोबाइल पर बिजली विभाग का संदेश आया, जिसमें छह माह का बिल 78 करोड़ 92 लाख 75 हजार 697 रुपये दर्शाया गया। बिल में अप्रैल 2026 की बिलिंग अवधि दिखाई गई है, जबकि मीटर रीडिंग केवल छह दिन (15 मार्च से 21 मार्च 2026) की दर्ज है।
बिल में ऊर्जा शुल्क 71 करोड़ 69 लाख 95 हजार 908 और म्युनिसिपल टैक्स एक करोड़ 52 लाख 79 हजार 316 रुपये बताया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बिल में कुल यूनिट नौ करोड़ 99 लाख 99 हजार 429 दिखाई गई हैं, जो किसी भी सामान्य उपभोक्ता के लिए असंभव है। इससे पहले परिवार का बिजली बिल सामान्य ही आता रहा है। बिल की अंतिम तिथि आठ अप्रैल 2026 दी गई है।
प्रारंभिक जांच में यह मामला सॉफ्टवेयर की तकनीकी गड़बड़ी या डेटा एंट्री की गलती माना जा रहा है। बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता शिवराज सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही बिल को संशोधित कर उपभोक्ता को राहत दी जाएगी।


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