धर्मशाला, 11 मई।
कांगड़ा जिले के पालमपुर क्षेत्र में बिजली की टूटी लाइनें दुरुस्त करते समय एक लाइनमैन की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक की पहचान विद्युत उपमंडल विंद्रावन में कार्यरत मोहन लाल उर्फ मोनू के रूप में हुई है।
बताया गया कि रविवार रात आए तेज तूफान के चलते इलाके में बिजली की तारें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। सोमवार सुबह निगम वार्ड सात स्थित विंद्रावन जंगल क्षेत्र में मोहन लाल खंभे पर चढ़कर क्षतिग्रस्त तारों को दुरुस्त करने में जुटा था। उसी दौरान नीचे मौजूद पांच से छह कर्मचारी तारों को खींचने का काम कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार मरम्मत कार्य के लिए पहले बिजली लाइन बंद कर दी गई थी। काम के दौरान अचानक किसी कर्मचारी द्वारा पीछे से लाइन चालू कर दी गई। नीचे काम कर रहे कर्मचारियों को जैसे ही तारों में करंट आने का एहसास हुआ, उन्होंने तुरंत तार छोड़ दिए, लेकिन खंभे पर मौजूद मोहन लाल को संभलने का अवसर नहीं मिल सका। करंट की चपेट में आने से वह खंभे पर ही गंभीर रूप से झुलस गया।
हादसे में जान गंवाने वाले 28 वर्षीय मोहन लाल की कुछ महीने पहले ही शादी हुई थी। वह अपनी पत्नी के साथ किराए के मकान में रह रहा था। मूल रूप से वह कांगड़ा जिले के रानीताल क्षेत्र का निवासी बताया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, अग्निशमन दल और विद्युत विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। फिलहाल पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।




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