नई दिल्ली, 11 मई
भारत की पहल पर गठित अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस के पहले वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक जून को करेंगे। यह आयोजन भारत मंडपम में होगा, जिसकी थीम “विशाल बिल्लियों को बचाओ, पारिस्थितिकी तंत्र को बचाओ, मानवता को बचाओ” रखी गई है। इस सम्मेलन में 95 देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।

इस वैश्विक आयोजन में बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा जैसी सात प्रमुख बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण तथा उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस के महानिदेशक के अनुसार, सम्मेलन में विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख अपने अनुभव और संरक्षण रणनीतियां साझा करेंगे। साथ ही दिल्ली घोषणापत्र को भी अपनाया जाएगा, जिसे इन प्रजातियों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण वैश्विक दस्तावेज माना जा रहा है।
एक और दो जून को ताज पैलेस में तकनीकी सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें 400 से अधिक अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ, नीति निर्माता, वैज्ञानिक, वित्तीय संस्थानों तथा कॉर्पोरेट क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
इस अवसर पर एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें जनजातीय कला, बड़ी बिल्ली प्रजातियों पर आधारित चित्रकला, फोटोग्राफी, फिल्में और आभासी वास्तविकता अनुभव प्रदर्शित किए जाएंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार ये प्रजातियां पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और इनके आवास कार्बन अवशोषण क्षेत्र के रूप में जलवायु परिवर्तन से लड़ने में सहायक होते हैं, साथ ही जल स्रोतों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करते हैं।
हालांकि, वन क्षेत्रों के सिकुड़ने, मानव और वन्यजीव संघर्ष, जलवायु परिवर्तन और बीमारियों के कारण इन प्रजातियों पर खतरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में यह सम्मेलन वैश्विक संरक्षण प्रयासों को नई मजबूती देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि इस पहल की शुरुआत अप्रैल 2023 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की थी। मार्च 2024 में इसे केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली और फरवरी 2025 से यह पूरी तरह सक्रिय हुआ। भारत सरकार ने इसके लिए पांच वर्षों में लगभग 18 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता देने का निर्णय लिया है।









