तेहरान, 08 जुलाई।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल तेज हो गई है। ईरानी तेल पर प्रतिबंधों में दी गई छूट वापस लेने और ईरान के भीतर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। इससे पहले होर्मुज़ जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर हुए हमलों ने तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी थी।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल ने मंगलवार देर रात ईरानी तेल पर प्रतिबंधों में दी गई 60 दिनों की अस्थायी छूट को रद्द कर दिया। इसके बाद बुधवार रात अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए।
इस घटनाक्रम का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में तुरंत दिखाई दिया। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स करीब 6 प्रतिशत बढ़कर 78.53 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं क्रूड फ्यूचर्स में करीब 5.9 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 74.60 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। ब्रेंट क्रूड 76.48 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा, जो 23 जून के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने पिछले महीने तेहरान के साथ बातचीत के तहत 21 अगस्त तक ईरानी तेल बिक्री की अनुमति दी थी। हालांकि विभाग की ओर से जारी नए आदेश के अनुसार, 17 जुलाई के बाद किसी भी तरह का लेन-देन नहीं किया जा सकेगा। इसमें तेल खरीद और लोडिंग से जुड़े नए सौदे भी शामिल हैं।
वाशिंगटन और तेहरान के बीच 18 जून को दो महीने के संघर्ष विराम पर सहमति बनी थी, जिससे व्यापक समझौते के लिए बातचीत का रास्ता खुल सके। हालांकि अमेरिका ने ईरान पर समझौते का उल्लंघन करने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों पर हमले कर समुद्री सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगाया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम अब प्रभावी नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका बातचीत का रास्ता बंद नहीं करेगा, लेकिन किसी ठोस परिणाम की उम्मीद कम है।
















