विभागीय जांच में उलझे एक बड़े साहब की फाइल आखिर सबसे बड़े साहब की टेबल तक पहुंच गई है। इधर बड़े साहब की विदाई की चर्चाएं भी जोरों पर हैं।
ऐसे में फरियादी ने हाथ जोड़कर अर्ज कर दी—"साहब, जाते-जाते एक पुण्य का काम भी कर जाइए।" बस, "जाने" वाला शब्द बड़े साहब को ऐसा चुभा कि अब फाइल की किस्मत भी उनके मूड पर टिकी बताई जा रही है।
















