रायपुर, 08 जुलाई।
मानसून के दस्तक देते ही बिजली से जुड़ी दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। सीएसपीडीसीएल ने नागरिकों को सतर्क करते हुए एक विस्तृत सुरक्षा परामर्श जारी किया है। कंपनी के अनुसार, बारिश में खुले तार, ट्रांसफार्मर और खंभों के संपर्क में आने से जान का जोखिम रहता है।
नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे विद्युत लाइनों और ट्रांसफार्मरों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। जलभराव वाले इलाकों में जहां बिजली के तार हों, वहां चलने से बचें। विद्युत उपकरणों को छूते समय सावधानी बरतें और पैरों में रबड़ के जूते-चप्पल पहनें।
कंपनी ने खेतों में अवैध बाड़बंदी और कंटीले तारों में बिजली का प्रवाह करने को गंभीर अपराध बताया है। यह जानलेवा है और ऐसा करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। हुकिंग से बिजली लेना या खंभों पर कपड़े सुखाना भी खतरनाक हो सकता है।
बिजली तंत्र में खराबी आने पर उपभोक्ता खुद मरम्मत न करें और किसी भी आपात स्थिति के लिए टोल-फ्री नंबर 1912 पर सूचना दें। आंधी-तूफान के दौरान धैर्य बनाए रखें और लाइन सुधारने में जुटे कर्मियों को सहयोग करें।
यदि किसी को करंट लग जाए, तो सबसे पहले मेन स्विच बंद करें। पीड़ित को छुड़ाने के लिए सूखी लकड़ी या रस्सी का ही उपयोग करें। प्राथमिक उपचार के बाद फौरन नजदीकी अस्पताल ले जाएं। इन सावधानियों को अपनाकर जान-माल की सुरक्षा की जा सकती है।















