जकार्ता, 08 जुलाई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को इंडोनेशिया में स्थित ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर परिसर का हवाई अवलोकन किया। जावा द्वीप के योग्याकार्ता में स्थित इस प्रसिद्ध स्थल की झलक उन्होंने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के साथ सोशल मीडिया पर साझा की। यह नौवीं सदी का विशाल हिंदू मंदिर है, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है।
भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश को समर्पित इस मंदिर का असली नाम शिवगृह है, जिसमें मुख्य शिव मंदिर की ऊंचाई 47 मीटर है। इसकी दीवारों पर रामायण से जुड़ी अद्भुत नक्काशी की गई है। वर्ष 2006 में आए भीषण भूकंप से इस पौराणिक धरोहर को काफी क्षति पहुंची थी।
भारत ने इस हजार साल पुराने मंदिर के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए हर संभव मदद का वादा किया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम इंडोनेशियाई विशेषज्ञों के साथ मिलकर इस धरोहर को सहेजने का कार्य करेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारत और इंडोनेशिया के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंध का प्रतीक करार दिया है। उन्होंने कहा कि इसी साझा सभ्यतागत विरासत ने दोनों देशों को सदियों से एक-दूसरे के साथ मजबूती से जोड़कर रखा है।











