तेहरान, 08 जुलाई।
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान चलाते हुए 80 से अधिक ठिकानों पर जोरदार हमले किए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद यह जवाबी कार्रवाई की गई है। अमेरिकी मध्य कमान (सेंटकॉम) ने पुष्टि की कि इन हमलों में सटीक हथियारों का इस्तेमाल कर ईरान की वायु रक्षा प्रणालियों, तटीय रडार और मिसाइल क्षमताओं को ध्वस्त कर दिया गया है।
अमेरिकी सेना ने 60 से अधिक इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौकाओं को भी तबाह किया है। इस हमले के बाद अमेरिका ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं और तेल निर्यात की छूट को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है। वाशिंगटन के इस कदम से तनाव चरम पर है।
यह सैन्य कार्रवाई ऐसे नाजुक वक्त में हुई है जब ईरान अपने दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों में जुटा है। खामेनेई का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के जुलूस के लिए इराकी शहर नजफ में रखा गया है। तेहरान ने इन हमलों का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है।
इन हमलों से पहले से जारी शांति वार्ताओं पर संकट के बादल छा गए हैं। वहीं, हमले की सूचना मिलते ही ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान इराक का दौरा अधूरा छोड़कर अपने देश के लिए रवाना हो गए हैं। वे खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियों को लेकर स्वदेश लौटे हैं।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। दूसरी ओर, दक्षिणी ईरान के विभिन्न बंदरगाहों पर धमाकों की आवाजें सुनाई दी हैं। अमेरिका का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले ईरान को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।











