कई महीनों से फील्ड, निगम, मंडल या आयोग की मलाईदार पोस्टिंग के सपने बुन रहे एक साहब को आखिरकार "इनाम" मिल ही गया। मंत्रालय के एक फ्लोर से उठाकर दूसरे फ्लोर पर बिठा दिया गया।
आदेश पढ़ते ही साहब समझ गए कि किस्मत ने फिर मजाक कर दिया। अब मिलने वाले बधाई दे रहे हैं और साहब मुस्कुराकर वही पुराना फिल्मी गीत गुनगुना रहे हैं—अच्छा सिला दिया तूने...
















