एक जिले के मुखिया रोज जनता के बीच, गांवों में रात्रि विश्राम और योजनाओं का फीडबैक लेने में जुटे हैं। ऊपर बैठे अफसर उनकी पीठ थपथपा रहे हैं, लेकिन जिले के कुछ माननीयों की नींद उड़ गई है।
वजह यह कि जनता अब सीधे मुखिया तक पहुंचने लगी है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि विकास से ज्यादा परेशानी उसकी लोकप्रियता दे रही है।
















