चंडीगढ़, 08 जुलाई।
अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई की जांच में नाम आने के बाद पंजाब पुलिस के टांडा थाने के तत्कालीन एसएचओ गुरिंदरजीत सिंह नागरा को पुलिस लाइंस भेज दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। उन पर अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के एक परिवार से कथित रूप से चार लाख डॉलर मांगने का आरोप लगाया गया है।
एफबीआई के अनुसार, नागरा पर आरोप है कि उन्होंने परिवार को भारत में दर्ज एक हत्या मामले में फंसाने की धमकी देकर यह रकम मांगी थी। अमेरिकी एजेंसी ने अपने दस्तावेजों और वीडियो बयान में इन आरोपों का उल्लेख किया है। हालांकि, एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि ये केवल आरोप हैं और मामले की जांच अभी जारी है।
मामला पंजाब के होशियारपुर जिले के मियानी गांव में 15 जनवरी 2026 को हुए बलविंदर सिंह हत्याकांड से जुड़ा बताया गया है। इस प्रकरण में टांडा थाने में हत्या, हत्या के प्रयास और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
एफबीआई के आरोपों के मुताबिक, अप्रैल 2026 में अमेरिका के कैलिफोर्निया के स्टॉकटन शहर में रहने वाले एक व्यक्ति ने कथित तौर पर परिवार से जुड़ी जानकारी पंजाब पुलिस अधिकारी तक पहुंचाई। इसके बाद हत्या मामले का इस्तेमाल परिवार पर दबाव बनाने और कथित तौर पर रकम मांगने के लिए किया गया।
जांच एजेंसी के अनुसार, 13 अप्रैल को अधिकारी ने परिवार के मुखिया से संपर्क कर सभी सदस्यों को हत्या मामले में आरोपी बनाने की धमकी दी और 16 अप्रैल को चार लाख डॉलर की मांग की गई।
जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला ने बताया कि निष्पक्ष जांच के लिए गुरिंदरजीत सिंह नागरा को पुलिस लाइंस भेजा गया है। विभागीय जांच को होशियारपुर से बाहर स्थानांतरित कर जालंधर के एसपी (डिटेक्टिव) विनीत अहलावत को सौंपी गई है।
पंजाब पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि एफबीआई की ओर से अभी कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और विभागीय जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। एफबीआई द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी किसी अदालत में नहीं हुई है।
















