भोपाल, 03 अप्रैल 2026।
भोपाल नगर निगम में लीज रेंट नवीनीकरण के दौरान गंभीर गड़बड़ियों का मामला सामने आया है। कई मामलों में भूखंडों को उनकी सही श्रेणी के बजाय दुकानों की दर से नवीनीकरण राशि वसूली जा रही है, जिससे लीजधारकों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार, निगम में नवीनीकरण फाइलों का मूल्यांकन सही ढंग से नहीं किया जा रहा है। कई प्रकरणों में भूखंडों को व्यावसायिक दुकान मानकर शुल्क निर्धारित कर दिया गया है। इस कारण नवीनीकरण राशि सामान्य से कई गुना अधिक हो गई है।
लीजधारकों का आरोप है कि पुराने रिकॉर्ड और संपत्ति की श्रेणी का उचित मिलान किए बिना गणना की गई। नतीजतन, भू-भाटक और प्रीमियम दोनों ही वास्तविक देय राशि से अधिक तय किए गए। कई लीजधारकों ने फाइलों की पुनः जांच की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
जानकारी मिली है कि निगम की राजस्व शाखा में तकनीकी त्रुटियों और वर्गीकरण में लापरवाही के कारण गलत दरें लागू की जा रही हैं। कुछ मामलों में सही श्रेणी दर्ज होने के बावजूद गलत गणना से नवीनीकरण प्रक्रिया प्रभावित हुई और कई फाइलें लंबित हैं।
लीजधारकों ने प्रशासन से मांग की है कि जिन मामलों में अधिक शुल्क लिया गया, उनकी निष्पक्ष जांच कर सही श्रेणी के अनुसार राशि तय की जाए। साथ ही पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताएं न हों।











