नई दिल्ली, 19 अप्रैल
देश में अक्षय तृतीया के अवसर पर सोना-चांदी के व्यापार में बड़े पैमाने पर कारोबार होने का अनुमान जताया गया है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के अनुसार इस बार पूरे देश में करीब 20 हजार करोड़ रुपये का व्यापार होने की संभावना है, जिसमें अकेले दिल्ली का हिस्सा लगभग 6 हजार करोड़ रुपये तक रहने का अनुमान है।
पश्चिम एशिया में चल रहे संकट और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच सोने-चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि के बावजूद बाजार में खरीदारी की रफ्तार बनी हुई है। इसे परंपरा और शुभ निवेश से जोड़कर देखा जाता है, जिसके कारण अक्षय तृतीया को अत्यंत शुभ माना जाता है।
जानकारी के अनुसार सोने की कीमत पिछले वर्ष के लगभग 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से बढ़कर करीब 1.58 लाख रुपये तक पहुंच गई है, जबकि चांदी की कीमत भी 85 हजार रुपये प्रति किलो से बढ़कर 2.55 लाख रुपये प्रति किलो के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं की मांग में गिरावट नहीं देखी गई है, बल्कि खरीद का तरीका अधिक सोच-समझकर किया जा रहा है।
व्यापार संगठनों के अनुसार अब ग्राहक हल्के वजन के आभूषण, दैनिक उपयोग के डिज़ाइन और चांदी व हीरे के उत्पादों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं। साथ ही छोटे सिक्कों और आकर्षक ऑफर्स के माध्यम से खरीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है।
आंकड़ों के अनुसार बढ़ती कीमतों के कारण जहां व्यापार का मूल्य बढ़ा है, वहीं वास्तविक मात्रा में कमी दर्ज की गई है। इसी वजह से ज्वैलर्स के लिए स्टॉक प्रबंधन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, हालांकि त्योहार के कारण बाजार में सकारात्मक रुझान देखा जा रहा है।
इसके साथ ही डिजिटल गोल्ड, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और अन्य निवेश विकल्पों की ओर भी लोगों का रुझान बढ़ रहा है, जो सुरक्षित और लचीला निवेश विकल्प माने जा रहे हैं।
व्यापार संगठनों ने ज्वैलर्स से हॉलमार्किंग नियमों का पालन सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं से शुद्धता के प्रति सतर्क रहने की अपील की है।











